सब्जियों की बढ़ती कीमतों से कब मिलेगा छुटकारा, RBI के गर्वनर ने दिया ये जवाब

Vegetable Rate in India: बीते दिनों टमाटर के रेट में कमी आई है। 140 से 180 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर अब 50 रुपए प्रतिकिलो पर आ गया है। इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने सब्जियों की बढ़ती महंगाई पर राहत भरी खबर दी है।
 
Vegetable Rate in India

पिछले कुछ महीनों से महंगी सब्जियों ने लोगों का जायका बिगाड़ दिया है। इस महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। पहले टमाटर के बेतहाशा बढ़े भाव ने आम आदमी की थाली से खुद को दूर कर लिया। वहीं अन्य सब्जियों के दाम भी अब आसमान छूने लगे हैं। हालांकि बीते दिनों टमाटर के रेट में कमी आई है। 140 से 180 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर अब 50 रुपए प्रतिकिलो पर आ गया है। इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने सब्जियों की बढ़ती महंगाई पर राहत भरी खबर दी है। जिससे उम्मीद की जा रही है कि जल्द महंगी सब्जी से राहत मिलेगी।

अगले महीने से सस्ती होंगी सब्जियां 

दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया है कि संभवत: सितंबर के महीने से सब्जियों की कीमत में राहत देखी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि जुलाई में सब्जियों की कीमतों में जो बढ़ोतरी देखी गई थी, वह अब उलटने लगी है। ऐसा फिलहाल टमाटर की कीमतों में देखा गया है। क्योंकि जो टमाटर अब तक आसमान छू रहे थे वही अब कम कीमत पर आ गए हैं। क्योंकि उपलब्धता ज्यादा है। 

पिछले 15 महीनों में सबसे ज्यादा मुद्रास्फीति

वहीं प्याज की सप्लाई प्रबंधन के लिए भी कदम उठाए गए हैं, जिससे कीमतों को स्थिर करने में भी मदद मिल रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सितंबर के महीने से सब्जियों की मुद्रास्फीति दर काफी हद तक कम हो जाएगी। बता दें कि सब्जियों और अनाजों की बढ़ती कीमतों के कारण जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 7.44% हो गई, जो पिछले 15 महीनों में सबसे ज्यादा है। ये वृद्धि पिछले तीन महीनों तक 6% की ऊपरी सीमा से नीचे रहने के बाद हुई।

सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाए कदम 

गवर्नर शक्तिकांत दास ने आगे बताया कि अनाज फसलों की कीमतों में सुधार की उम्मीद पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को 4% के लक्ष्य के आसपास रखने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। बता दें कि आरबीआई ने पिछली तीन मौद्रिक नीति समीक्षाओं में मुख्य नीतिगत ब्याज दर को फिलहाल नहीं बदला है। उन्होंने मई 2022 से फरवरी 2023 तक दर में कुल 250 आधार अंकों की वृद्धि की, जिससे यह 6.5% हो गई थी।

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