IAS Aditi Varshney: बिना कोचिंग करे कम उम्र में अपनी मेहनत से बनीं  IAS अफसर, पूरा किया घरवालों का सपना
 

हर साल यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम में 10 लाख से अधिक लोक परीक्षा देते हैं जिसमें से फाइनल सिलेक्शन करीब 1000 कैंडीडेट्स का ही होता है.
 
IAS Aditi Varshney
Aditi Varshney | Instagram

IAS Aditi Varshney Success Story:  इस और आईपीएस ऑफिसर बनने का सपना तो लाखों लोग देखते हैं लेकिन यह सपना कुछ ही लोग पूरा कर पाते हैं. हर साल यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम में 10 लाख से अधिक लोक परीक्षा देते हैं जिसमें से फाइनल सिलेक्शन करीब 1000 कैंडीडेट्स का ही होता है. कई लोग पहले अटेम्प्ट में ही बिना कोचिंग के यूपीएससी एक्जाम क्रैक कर लेते हैं. आज हम आपको ऐसी ही एक आईएएस अफसर की कहानी बताने जा रहे हैं जिसका नाम है अदिति वार्ष्णेय.

बरेली की रहने वाली है आदित्य वार्ष्णेय

अदिति वार्ष्णेय उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली है और उन्होंने अपनी स्कूलिंग भी बरेली के बिशभ कोनराड स्कूल से की है. अदिति को मिलाकर यह तीन भाई बहन है जिसमें वह सबसे बड़ी हैं. आदित्य के पिता कपड़े के स्थानीय व्यापारी है और उनकी मां हाउस मेकर हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार अदिति ने यूपीएससी परीक्षा के लिए कोई भी कोचिंग ज्वाइन नहीं की थी.

पहले प्रयास में कलियर की यूपीएससी की परीक्षा

अदिति ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के जीएस एंड मैरी कॉलेज सेफ दिए ऑनर्स में ग्रेजुएशन की. इसके बाद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन लिया था. उन्होंने अपनी पढ़ाई के बीच में ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी और पढ़ाई छोड़कर वह यूपीएससी की तैयारी में लग गईं. उन्होंने यूपीएससी सिविल सर्विस एक्जाम पहले ही अटेम्प्ट में क्लियर कर दिया. ऑल ओवर इंडिया उनकी 57वी रैंक थी.

पूरा किया मां का सपना

आईएएस अफसर ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी आईएएस ऑफिसर बनने की यात्रा उनकी मां के अधूरे सपने से पैदा हुई. घर में हाउस मकर की भूमिका निभाने वाली उनकी मां हिंदू ने आईएएस अफसर बनने का सपना देखा था जो उनकी बेटी ने सरकार कर दिखाया. अदिति की कहानी से यह साफ हो जाता है कि अगर अपने मन मैं कुछ ठान लिया है तो आप उसे सफल बनाने में पूरी मेहनत कर सकते हैं और उसे गोल को हासिल कर सकते हैं

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