आखिर क्या होता है इस खास वीजा का मतलब,चीन के लिए आखिर क्यों है खास
 

भारत में चेंगदू में शुरू होने वाले ग्रीष्मकालीन विश्व यूनिवर्सिटी खेलों से अपने 8 एथलीट बुश उदल को चीन भेजने से रोक दिया है। आपको बता दें इससे पहले चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 3 वर्षों खिलाड़ियों को चीनी दूतावास से नत्थी वीजा जारी किया था
 
आखिर क्या होता है इस खास वीजा का मतलब,चीन के लिए आखिर क्यों है खास
आखिर क्या होता है इस खास वीजा का मतलब,चीन के लिए आखिर क्यों है खास

VISA: आज हम आपको एक ऐसे वीजा के बारे में बताने वाले हैं जिसका शायद आपने नाम कभी सुना होगा और अगर आपने उसका नाम सुना भी होगा तो उसके कुछ खास चीजें आपको नहीं पता है उसी के बारे में आपको आज हम बताने वाले जी हां आपको बता दें,भारत में चेंगदू में शुरू होने वाले ग्रीष्मकालीन विश्व यूनिवर्सिटी खेलों से अपने 8 एथलीट बुश उदल को चीन भेजने से रोक दिया है। आपको बता दें इससे पहले चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 3 वर्षों खिलाड़ियों को चीनी दूतावास से नत्थी वीजा जारी किया था

दरअसल, आपको बता दें कि लंबे समय से टालमटोल कर रहे चीन ने बुधवार को उनके लिए स्टेपल वीजा जारी किया था, जिसका विरोध करते हुए भारत ने पूरी टीम को चंदू को भेजने से रोक दिया। 28 जुलाई से शुरू होने वाले खेलों के लिए रवाना होने के लिए पांचों सदस्य देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे।लेकिन उनमें से सभी वहां जहाज पर नहीं चढ़े क्योंकि चीन में अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के भारतीय नागरिकों को स्टेपल वीजा जारी करने की प्रथा है। राज्य के खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा जारी किया गया.

अब आपको बताते हैं कि आखिर लिए भेजा है क्या तो आपको बता दें किसी भी देश के नागरिक को दूसरे देश की यात्रा करने के उद्देश से अनुमति लेनी पड़ती है।वीजा किसे कहते हैं आइये आपको बताते है इसे आप इस तरह भी समझ सकते हैं कि अगर किसी दूसरे देश के नागरिक को भारत की खूबसूरती देखने जाना है तो उसे टूरिस्ट वीजा लेना पड़ता है, इसी तरह हर देश के अलग-अलग तरह के वीजा और उनके अलग-अलग नियम होते हैं और कानून भी बनाए जाते हैं, उसी तरह चीन भी कई तरह के वीजा के साथ-साथ स्टेपल वीजा भी जारी करता है।

एक वीजा में इमीग्रेशन ऑफीसर पासपोर्ट पर टाइम नहीं लगता है बल्कि अलग से एक कागज या पर्ची को पासपोर्ट के साथ टेबल कर देता है, जिसे उन्नति करना भी कहते हैं चैपल का लगा होने यह बताता है कि आप उनके देश में आखिर किस मकसद से जा रहे हैं इसके साथ ही नत्थी वीजा में एक कागज अलग से पासपोर्ट के साथ दिया जाता है। इस पेपर में चीन जाने का मकसद लिखा होता है, साथ ही चीन अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के भारतीय नागरिकों को स्टेपल वीजा जारी करता है, लेकिन इस बार भारत सरकार ने इसे मानने से इनकार कर दिया।

आपको बता दें कि इसे इसलिए नहीं भेजा गया है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश इसका एक बड़ा कारण है, यहां चीन अरुणाचल प्रदेश पर भारत के स्पष्ट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत रुख का विरोध करता है, चीन मैकमोहन रेखा के साथ-साथ तिब्बत और ब्रिटिश भारत की सहमति के अनुसार कानूनी स्थिति को भी चुनौती देता है। 1914 के शिमला कन्वेंशन में ग्रेट ब्रिटेन, चीन और तिब्बत के बीच धर्मांतरण। और चीन भी इस पर असहमत है वहीं चीन अरुणाचल प्रदेश के करीब 90000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर अपना दावा भी करता है चीन इस क्षेत्र को चीनी भाषा में जगन्नाथ कहता है, चीनी मानचित्र अरुणाचल प्रदेश को चीन के हिस्से के रूप में भी दिखाते हैं कभी कभी इसे तथाकथित अरुणाचल प्रदेश के रूप में भी देखा जाता है।

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