मुजफ्फरनगर में 20 साल पुराने मामले में आया फैसला, 36 दोषी करार, जानें पूरा मामला

Muzaffarnagar:महमूद नगर में जाबिर सभासद और उस्मान प्रधान पक्षों के बीच एक झगड़ा हुआ था। जिसे रोकने के लिए तत्कालीन एसपी सिटी अरुण कुमार गुप्ता सीओ सिटी देवेश पवार सिंह और सिविल लाइन थाना अध्यक्ष बलजीत सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। जिनपर दोनों पक्षों ने मिलकर हमला बोल दिया था।
 
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मुजफ्फरनगर जनपद में स्थित न्यायालय ने मंगलवार को पुलिस पर हमले के 20 साल पुराने एक मामले में 36 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में न्यायालय ने सभी 36 दोषियों को सजा सुनाने के लिए 24 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है। दरअसल, वर्ष 2003 में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के महमूद नगर में जाबिर सभासद और उस्मान प्रधान पक्षों के बीच एक झगड़ा हुआ था। जिसे रोकने के लिए तत्कालीन एसपी सिटी अरुण कुमार गुप्ता सीओ सिटी देवेश पवार सिंह और सिविल लाइन थाना अध्यक्ष बलजीत सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। जिनपर दोनों पक्षों ने मिलकर हमला बोल दिया था। 

62 लोगों को किया था नामजद

मामले में मौके पर पहुंचे सभी आलाधिकारियों सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। जिसके चलते उस दौरान पुलिस द्वारा कुल 62 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें मंगलवार को कोर्ट नंबर 7 ने 36 आरोपियों को दोषी करार दिया है। जहां सभी आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है तो वहीं इस मामले को लेकर सजा के लिए न्यायालय ने 24 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है।

दो पक्षों में हुआ था झगड़ा

इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि वर्ष 2003 में थाना सिविल लाइन क्षेत्र के महमूद नगर में दो पक्ष जाबिर सभासद व उस्मान प्रधान के बीच एक झगड़ा हुआ था। झगड़े को रोकने के लिए फोर्स मौके पर पहुंची थी, जिसमें भीड़ के द्वारा तत्कालीन थानाध्यक्ष सिविल लाइन बलजीत सिंह, एसपी सिटी अरुण कुमार गुप्ता, सीओ सिटी देवेश पँवार सिंह तथा तमाम जो पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद थे उनके ऊपर हमला किया गया था एवं जो प्रशासन के लोग थे उनके ऊपर भी हमला किया गया था।

कई साल से विचारधीन था मामला

इस मामले में बलजीत सिंह व एसपी सिटी अरुण कुमार गुप्ता एव सीओ सिटी देवेश पंवार सिंह इन सभी लोगों को चोटें आई थी। इस संबंध में मामला थाना सिविल लाइन पर पंजीकृत कराया गया था। विवेचना में तमाम साक्ष्य संकलन करने के बाद आरोप पत्र मान्य न्यायालय में प्रेषित किया एवं यह मामला वर्तमान में कोर्ट नंबर 7 शक्ति सिंह के न्यायालय में विचाराधीन था और इसमें हमारे सहायक शासकीय अधिवक्ता परमिंदर कुमार द्वारा मजबूती से पैरवी की गई।

36 आरोपी दोषी करार 

तमाम साक्ष्य व पुलिस प्रपत्र न्यायालय के समक्ष साबित कराते हुए मंगलवार को इस मामले में कुल 36 अभियुक्त गणों को दोषित किया गया है। इस मामले में 62 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से 36 लोगों को इस मामले में दोषित किया गया है। वहीं सजा के प्रश्न पर इस मामले में 24-08-2023 नियुक्त की गई है और सजा के प्रश्न पर इस मामले में 24 तारीख को निर्णय आएगा। 

(Reported by Naagar Bhardwaj, edited by Jyoti Singh)

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