Health Tips:  मानसून में बढ़ा संक्रमण का खतरा, इन सुपरफूड से मिलेगी भरपूर एनर्जी 
 

मलेरिया से लेकर चिकनगुनिया तक की वेक्टर जनित बीमारियों के संक्रमण का ख़तरा रहता है. ऐसे में खानपान के जरिए रोग प्रतिरोधक क्षमता को कायम रखते हुए ऐसी बीमारियों से बचा जा सकता है. 
 
Healthy Food Items
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Health Tips:  मानसून के समय संक्रमण के अनुकूल वातावरण या फिर अनुचित खानपान के चलते कई प्रकार के रोग होने की संभावना बनी रहती है. जहां एक तरफ दूषित जल व भोजन के कारण पेट संक्रमण, हैजा, टाइफॉइड और दस्त जैसी समस्याओं के उत्पन्न होने की आशंका रहती है तो वहीं दूसरी तरफ मच्छरों के चलते डेंगू, मलेरिया से लेकर चिकनगुनिया तक की वेक्टर जनित बीमारियों के संक्रमण का ख़तरा रहता है. ऐसे में खानपान के जरिए रोग प्रतिरोधक क्षमता को कायम रखते हुए ऐसी बीमारियों से बचा जा सकता है. 

आंतों का स्वास्थ्य रहेगा बरक़रार 

मानसून के समय अपने पेट के स्वास्थ को सही रखना बहुत आवश्यक है क्योंकि बरती गई थोड़ी-सी भी लापरवाही आपकी आंतों पर गहरा असर छोड़ सकती है. ऐसे में इस बात का ध्यान रखें कि आप क्या खा रहे हैं और कैसे खा रहे हैं. अपनी आंतों के स्वास्थ्य का खयाल रखने के लिए अच्छे बैक्टीरिया युक्त खाद्य पदार्थों जैसे दही, छाछ और अचार के साथ ही कुछ जड़ी-बूटियां और मसाले जैसे नीम, अश्वगंधा, लेमनग्रास, अदरक और गिलोय का सेवन करना लाभदायक होता है. 

हर्बल चाय जो 

इम्युनिटी बढ़ाए बेहतर इम्युनिटी आपके शरीर में कई प्रकार की बीमारियों के होने की आशंका को कम कर सकती है. हर्बल चाय, तुलसी, काली मिर्च, हल्दी, लेमन ग्रास, अदरक जैसी जड़ी-बूटियों का सेवन करना आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में लाभदायक है. इसके अलावा चाय में दालचीनी, लौंग, जावित्री जैसे मसालों का इस्तेमाल करने से भी इम्युनिटी को बेहतर तरीके से सक्रिय रखा जा सकता है. 

दिनचर्या में प्रोटीन करें शामिल 

प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दाल, दही, नट्स या मांसाहारी भोजन इत्यादि का सेवन करना भी आपके लिए लाभप्रद हो सकता है. इन्हें दैनिक दिनचर्या में शामिल करें. नाश्ते में रोज दूध के साथ दही, सूखे मेवे या ओट्स ले सकते हैं. दोपहर के भोजन में कई प्रकार की दालें, फलियां और साबुत अनाज लिए जा सकते हैं. वहीं, रात के भोजन में आप प्रोटीन के स्रोत के रूप में दाल या मांसाहार जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं. 

भोजन का ख़ज़ाना पकाकर खाना 

इस मौसम में नए-नए पौधे और तमाम प्रकार के जीव-जंतु पनपने लगते हैं, जिसके चलते फलों और सब्जियों पर भी कई प्रकार के कीड़े-मकोड़ों के होने की आशंका बनी रहती है. इसलिए इन्हें बाजार या खेत से लाने के बाद हल्के गर्म पानी में रगड़कर धो लें. साथ ही सब्जी इत्यादि को अच्छी तरह से पकाकर ही खाएं. इस मौसम में रेशेदार फलों का सेवन करना पाचन क्रिया में लाभ पहुंचाता है. ताजे खाद्य पदार्थों का सेवन करें क्योंकि बासी खाना आपके शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

प्रोबायोटिक्स से मिलेगी सेहत 

प्रोबायोटिक्स हमारी आंतों में रहने वाले अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. इस अच्छे बैक्टीरिया को ख़ुश रखने के लिए हम कई प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं. इनमें दही, पनीर, इडली, डोसा, ढोकला, टमाटर सूप और अचार जैसे खाद्य शामिल हैं. 

मानसून में दही खाने का ये है सही तरीका 

अमूमन लोग मानते हैं कि दही बरसात में नहीं खाना चाहिए। पर दही सेहत के लिए फ़ायदेमंद होता है. लेकिन अगर आप इसे सही तरीक़े से नहीं खाते या ग़लत चीजों के साथ खा लेते हैं, तब ये आपको नुक़सान पहुंचा सकता है. 

 
दो तरह के प्रोटीन को मिलाकर या फिर दही के साथ सिट्रस युक्त खाद्य पदार्थों को मिलाकर कभी नहीं खाना चाहिए. इससे पेट में एसिड बनेगा और सीने में जलन का ख़तरा भी हो सकता है. 
 
-इसलिए बारिश के मौसम में भी दही खाने के लिए इसमें भुने जीरे का पाउडर, काला नमक और काली मिर्च का पाउडर मिलाकर खाएं. ये मसाले दही की ठंडी तासीर को कम करते हैं. साथ ही इस तरह से किया गया दही का सेवन गले की खराश में भी आराम पहुंचाता है. 
 
इसके अलावा, बारिश के मौसम में हमेशा ताजा दही ही खाएं. दही की ठंडी तासीर को कम करने के लिए इसके साथ नट्स, सूखे मेवे को भी मिलाकर खाया जा सकता है.

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