रिस्टबैंड पहन रहें तो सतर्क हो जाएं! इस तरह ये आपकी बॉडी को पहुंचा रहा नुकसान

wristband : हाल ही में रिस्टबैंड्स को लेकर एक चौंकाने वाली स्टडी सामने आई है। जिसके मुताबिक, फिटनेस ट्रैकर, स्मार्टवॉच और फैशनेबल एक्सेसरीज सहित रिस्टबैंड में ई. कोली और स्टैफिलोकोकस जैसे टॉक्सिक बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो आपकी बॉडी को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
 
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आजकल अधिकतर युवा अपनी डेली लाइफ में कई सारी फैशनेबल एक्सेसरीज का इस्तेमाल करते हैं। इन्हीं में शामिल है रिस्टबैंड्स, जिन्हें लड़कियां ही नहीं बल्कि लड़के भी पहनना पसंद करते हैं। अगर आप भी इस शौक को रखने वालों में से एक हैं तो आपको सतर्क होने की जरूरत है। क्योंकि हाल ही में रिस्टबैंड्स को लेकर एक चौंकाने वाली स्टडी सामने आई है। जिसके मुताबिक, फिटनेस ट्रैकर, स्मार्टवॉच और फैशनेबल एक्सेसरीज सहित रिस्टबैंड में ई. कोली और स्टैफिलोकोकस जैसे टॉक्सिक बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो आपकी बॉडी को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। आइए जानते हैं कैसे..

अलग-अलग लोगों से लिए गए सैम्पल 

फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने रिस्टबैंड को लेकर एक स्टडी की। जिसमें अलग-अलग लोगों से सैम्पल लिए गए और इन सभी ने अलग-अलग तरह के रिस्टबैंड पहने हुए थे। रिसर्च के दौरान रिस्टबैंड में ई. कोली और स्टैफिलोकोकस सहित कई स्किन और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन्स का पता चला। जिससे अब हाइजीन को लेकर काफी सवाल उठने लगे हैं।

इस तरह पहुंचा रहे नुकसान

बता दें कि ई. कोलाई ऐसा वायरस हैं जिससे आमतौर पर इंसानों और जानवरों की आंत में पाए जाते हैं। इसी वायरस के कारण फूड पॉइजनिंग और यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है। वहीं दूसरी ओर स्टैफिलोकोकस एक सामान्य बैक्टीरिया है, जिसे समय पर नियंत्रित न किया जाए तो स्किन इन्फेक्शन और निमोनिया जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। चूकि ये बैक्टीरिया रिस्टबैंड पर पाए गए हैं इसलिए आपकी त्वचा और उसके आसपास समस्या हो सकती है।

बैक्टीरिया को जमने से ऐसे रोकें

नियमित सफाई: अपने रिस्टबैंड को नियमित रूप से साफ करें।

सीमित इस्तेमाल: लंबे समय तक रिस्टबैंड पहनना कम करें, खासकर एक्स्ट्रा फिजिकल एक्टिविटी के दौरान क्योंकि ऐसे में शरीर से काफी पसीना आता है।

ब्रीदिंग मैटेरियल बैंड चुनें: कोशिश करें कि ऐसे रिस्टबैंड्स को चुनें, जो एक्स्ट्रा मॉइश्चर को रोके।

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