गर्मी सबसे ज्यादा ब्लास्ट होते हैं टायर्स, नाइट्रोजन हवा ऐसे रोक सकती है ये खतरा 

नाइट्रोजन हवा नार्मल हवा की तुलना में ज्यादा ठंडी होती है। जिसकी वजह से टायर्स हर मौसम में बेहतर परफॉर्म करते हैं,इतना ही नहीं ड्राइव करने में सुविधा रहती है और टायर्स की लाइफ भी बेहतर बनती है।
 
nitrogen air

Nitrogen Air: गर्मी के मौसम में अक्सर हाइवे पर चल रही गाड़ियों के टायर्स ब्लास्ट हो जाते हैं, अब इसके पीछे कारण कर हो सकते हैं, जिनमें सबसे अहम् कारण खराब और घिस चुके टायर्स भी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि टायर्स में एक खास हवा भरवाने से आप टायर्स के ब्लास्ट होने के इस खतरे से बच सकते हैं। आजकल लोग अब अपनी कारों के टायर्स में नाइट्रोजन हवा काफी डलवाते हुए नज़र आने लगे हैं। नार्मल हवा के मुकाबले यह थोड़ी महंगी जरूर होती है। लेकिन इससे टायर की लाइफ और वाहन की परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है। आज कल ये तकरीबन हर पेट्रोल पंप पर उपलब्घ है बल्कि कुछ पेट्रोल पम्प पर तो यह अब फ्री में मिलने लगी है। चलिए आपको बताते हैं क्या हैं इसके फायदे। 

हर मौसम में बेहतर

नाइट्रोजन हवा नार्मल हवा की तुलना में ज्यादा ठंडी होती है। जिसकी वजह से टायर्स हर मौसम में बेहतर परफॉर्म करते हैं,इतना ही नहीं ड्राइव करने में सुविधा रहती है और टायर्स की लाइफ भी बेहतर बनती है।

एक समान रहता टायर के भीतर का

जिन टायर्स में नाइट्रोजन हवा भरी होती है उनके भीतर का  का तापमान एक समान बना रहता है  जिससे इसके रिवास होने के चांस भी कम होते हैं। यानी जब टायर्स में हवा का दबाव एक समान रहेगा तो माइलेज और परफॉर्मेंस दोनों बेहतर होंगी। और गाड़ी भी हल्की चलती है।

रिम को नुकसान नहीं होता

नाइट्रोजन रासायनिक रूप से एक गैर-ज्वलनशील, गैर विषैले अक्रिय गैस है। यह किसी भी तापमान पर किसी अन्य गैस के साथ फ्यूज नहीं होती है। जिसके चलते टायर में न्यूनतम नमी रखने में मदद करती है। नाइट्रोजन हवा टायर में आद्रता यानी की नमी को कम करती है। जिससे टायर  के रिम को कोई नुकसान नहीं होता। जबकि नार्मल हवा में ऑक्सीजन की मात्रा ज्यादा होती है जिसकी वजह से नमी की मात्रा बढ़ जाती है जिससे रिम को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए नाइट्रोजन हवा का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

टायर्स के ब्लास्ट होने का खतरा कम

एक्सपर्ट मानते हैं कि जिन टायर्स में नाइट्रोजन हवा भरी होती है, उनके फटने की संभावना करीब 90 फीसदी तक कम हो जाती है। इतना ही नहीं हाइवे पर टायर्स सुरक्षित रहते हैं। जबकि अगर आप टायर्स में नार्मल हवा भरवाते हैं तो लंबे समय तक ड्राइव करने के दौरान उच्च तापमान के कारण टायर्स  के ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है।

फ्री में नाइट्रोजन गैस

पेट्रोल पम्प आजकल लगभग सभी पेट्रोल पेट्रोल पम्प पर उपलब्ध है, और कई जगह तो यह फ्री में भी भरी जाती है, जबकि कई जगहों पर एक टायर में इसे भरने के लिए करीब 20 से 25 रुपये चार्ज किये जाते हैं। और यदि आप पहले से इस गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो कम होने पर टॉप अप भी करवा सकते हैं और इसमें कम खर्च भी आता है। नार्मल हवा की तुलना में नाइट्रोजन हवा टायर्स में लम्बे समय तक रहती है इसलिए बार-बार इसे डलवाने की जरूरत नहीं पड़ती। जानकारी के लिए बता दें कि फॉर्मूला वन रेस में जो सुपर कारें होती हैं उन सभी के टायर्स में नाइट्रोजन गैस का ही प्रयोग किया जाता है ताकि टायर ब्लास्ट न हो और परफॉरमेंस बेहतर मिले।

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